अचानक बढ़ता वजन, कंघी करते समय गिरते बाल और हर समय थकान का एहसास… जब कोई महिला इन बदलावों को महसूस करती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर शरीर में हो क्या रहा है। कई बार रिपोर्ट में PCOS लिखा आता है, तो कभी Thyroid का नाम सामने आता है। यहीं से भ्रम शुरू होता है, क्योंकि इन दोनों ही समस्याओं के लक्षण इतने मिलते-जुलते होते हैं कि पहचान करना आसान नहीं रह जाता।

वजन बढ़ना और बाल झड़ना ऐसे दो लक्षण हैं जो महिलाओं में Thyroid की बीमारी और PCOS दोनों में आम तौर पर देखे जाते हैं। इसी वजह से कई महिलाएं लंबे समय तक कंफ्यूजन में रहती हैं कि उनकी परेशानी की असली वजह क्या है। कई बार सही समय पर सही कारण समझ में नहीं आता और इलाज भी देर से शुरू होता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इन दोनों स्थितियों को समझने के लिए शरीर के हार्मोनल सिस्टम को गहराई से जानना जरूरी है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक ऐसी हार्मोनल स्थिति है जिसमें शरीर सामान्य से ज्यादा इंसुलिन बनाने लगता है। जब इंसुलिन का स्तर लगातार ऊंचा रहता है, तो शरीर उसे सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इस स्थिति को इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है। यही इंसुलिन रेजिस्टेंस वजन बढ़ने की एक बड़ी वजह बनता है। इसके साथ ही यह हार्मोनल असंतुलन को और बिगाड़ देता है, जिससे पीरियड्स अनियमित होते हैं, चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल बढ़ सकते हैं और बाल झड़ने लगते हैं।
दूसरी तरफ Thyroid की समस्या भी सीधे मेटाबॉलिज्म से जुड़ी होती है। Thyroid ग्रंथि शरीर की ऊर्जा को नियंत्रित करने का काम करती है। जब Thyroid हार्मोन कम या ज्यादा बनने लगते हैं, तो शरीर का पूरा संतुलन बिगड़ जाता है। खासतौर पर हाइपोथायराइडिज्म में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है और बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। इसी कारण कई महिलाएं यह समझ नहीं पातीं कि उनके लक्षण PCOS के हैं या Thyroid के।
एक और अहम बात यह है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस केवल PCOS तक सीमित नहीं है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इंसुलिन रेजिस्टेंस का संबंध थायराइड की समस्याओं से भी देखा गया है। जब शरीर में इंसुलिन सही तरह से काम नहीं करता, तो यह Thyroid हार्मोन के संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से कई मामलों में PCOS और Thyroid एक-दूसरे से जुड़े हुए नजर आते हैं।
थायराइड हार्मोन का फर्टिलिटी से भी गहरा संबंध है। ये हार्मोन ओवुलेशन, पीरियड साइकिल और गर्भधारण की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। जब Thyroid हार्मोन असंतुलित होते हैं, तो ओवरी का काम भी प्रभावित हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी महिला को पहले से PCOS है और साथ में Thyroid हार्मोन भी संतुलन में नहीं हैं, तो PCOS के लक्षण और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में वजन कंट्रोल करना और पीरियड्स को नियमित करना और भी मुश्किल हो जाता है।
कई मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि महिलाओं में PCOS और Thyroid की समस्या एक साथ मौजूद होती है। यह स्थिति मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि लक्षण ज्यादा बढ़ जाते हैं और सुधार में समय लगता है। एक्सपर्ट्स इसलिए सलाह देते हैं कि अगर किसी महिला को लंबे समय से वजन बढ़ने, बाल झड़ने, थकान या पीरियड्स की समस्या है, तो केवल एक ही बीमारी मानकर आगे न बढ़ें। सही जांच और हार्मोन प्रोफाइल के जरिए दोनों स्थितियों को समझना जरूरी है।
आखिर में यही कहा जा सकता है कि PCOS और Thyroid दोनों ही हार्मोनल समस्याएं हैं और इनके लक्षण कई बार एक-दूसरे से मिलते-जुलते हो सकते हैं। सही जानकारी, समय पर जांच और एक्सपर्ट की सलाह से ही इनका फर्क समझा जा सकता है। जब असली कारण स्पष्ट हो जाता है, तभी इलाज और जीवनशैली में बदलाव सही दिशा में आगे बढ़ पाते हैं।
दोनों बीमारियों के बीच है संबंध
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार PCOS और Thyroid के बीच एक अहम संबंध देखा जाता है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों ही स्थितियां हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी हैं और एक-दूसरे को प्रभावित कर सकती हैं। यही कारण है कि कई महिलाओं में ये दोनों समस्याएं एक साथ पाई जाती हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार Thyroid एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की अपनी इम्यून सिस्टम थायरॉयड ग्रंथि पर हमला करने लगती है। इस स्थिति में Thyroid ग्रंथि ठीक से काम नहीं कर पाती और धीरे-धीरे हाइपोथायरायडिज्म विकसित हो जाता है। हाइपोथायरायडिज्म में थायरॉयड हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, जिससे मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ता है और वजन बढ़ना, थकान और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक सामान्य आबादी की तुलना में PCOS से पीड़ित महिलाओं में थायरॉयडिटिस और हाइपोथायरायडिज्म की संभावना अधिक पाई जाती है। इसका कारण यह है कि PCOS में पहले से ही हार्मोनल संतुलन बिगड़ा होता है और इम्यून सिस्टम भी अधिक संवेदनशील हो सकता है। ऐसे में ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें थायरॉयडिटिस प्रमुख है।
हार्मोन का सीधा असर ओवरी के कामकाज और रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर पड़ता है। जब थायरॉयड हार्मोन असंतुलित होते हैं, तो ओव्यूलेशन प्रभावित हो सकता है और पीसीओएस के लक्षण ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। इससे पीरियड्स और भी अनियमित हो जाते हैं और फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
इसी कारण PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए थायरॉयड की जांच बेहद जरूरी हो जाती है। कई बार महिलाएं केवल पीसीओएस का इलाज करवा रही होती हैं, लेकिन जब तक थायरॉयड की समस्या की पहचान नहीं होती, तब तक लक्षणों में सुधार नहीं दिखता। दोनों स्थितियों को साथ में समझकर और मैनेज करके ही बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच और सही इलाज से PCOS और Thyroid दोनों को कंट्रोल में रखा जा सकता है। वह यह भी ज़ोर देती हैं कि लाइफस्टाइल में सुधार, संतुलित डाइट और नियमित फॉलोअप इन दोनों समस्याओं को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सही जानकारी और समय पर एक्सपर्ट की सलाह महिलाओं को लंबे समय तक होने वाली जटिलताओं से बचा सकती है।
यह भी पढ़ें: 👇👇👇
PCOS और Thyroid में फर्क कैसे समझें?
जब वजन बढ़ने, बाल झड़ने या चेहरे पर अनचाहे बाल आने जैसी समस्याएं सामने आती हैं, तो अक्सर महिलाएं इन्हें सीधे थायराइड से जोड़ देती हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ ऐसे लक्षण भी होते हैं जो थायराइड की बीमारी में आमतौर पर नहीं दिखते और वही PCOS की ओर इशारा करते हैं। इन लक्षणों को समझना इसलिए ज़रूरी है ताकि सही समय पर सही जांच और इलाज शुरू हो सके।
एक्सपर्ट्स के अनुसार पेल्विक एरिया में बार-बार दर्द रहना थायराइड की समस्या का सामान्य लक्षण नहीं है। यह दर्द अक्सर ओवरी से जुड़ा होता है। PCOS में ओवरी के अंदर छोटे-छोटे सिस्ट बन सकते हैं, जो समय-समय पर भारीपन या दर्द का कारण बनते हैं। कई महिलाएं इसे सामान्य पीरियड पेन समझकर नज़रअंदाज़ कर देती हैं, जबकि यह शरीर का एक संकेत हो सकता है कि ओवरी ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं। थायराइड की बीमारी में इस तरह का पेल्विक दर्द या ओवरी में सिस्ट बनने की समस्या नहीं देखी जाती।
इसी तरह ओवरी में सिस्ट का पाया जाना PCOS की एक अहम पहचान है। अल्ट्रासाउंड जांच में जब ओवरी के अंदर कई छोटे सिस्ट दिखते हैं, तो यह PCOS की ओर संकेत करता है। थायराइड में हार्मोन असंतुलन जरूर होता है, लेकिन उसका असर सीधे ओवरी की संरचना पर इस तरह नहीं पड़ता। इसलिए अगर रिपोर्ट में ओवरी में सिस्ट की बात सामने आती है, तो इसे थायराइड से जोड़ने के बजाय PCOS के संदर्भ में देखा जाता है।
अगर किसी महिला को मोटापा तेजी से बढ़ता हुआ महसूस हो, खासकर पेट और कमर के आसपास, तो यह भी PCOS का एक आम लक्षण हो सकता है। थायराइड में वजन बढ़ना आम है, लेकिन PCOS में यह बढ़ा हुआ वजन अक्सर इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ा होता है। इसी वजह से डाइट और एक्सरसाइज के बावजूद वजन कम करना मुश्किल लगने लगता है। यह पैटर्न थायराइड से थोड़ा अलग होता है और लंबे समय तक बना रह सकता है।
चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल आना भी PCOS की एक खास पहचान मानी जाती है। PCOS में एंड्रोजन नामक पुरुष हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे ठुड्डी, ऊपरी होंठ, छाती या पेट पर बाल आने लगते हैं। थायराइड की समस्या में आमतौर पर ऐसा नहीं होता। इसलिए अगर बाल झड़ने के साथ-साथ चेहरे पर मोटे बाल भी बढ़ रहे हैं, तो यह थायराइड से ज्यादा PCOS की ओर इशारा करता है।
बाल झड़ना दोनों ही स्थितियों में देखा जा सकता है, लेकिन PCOS में बालों का झड़ना अक्सर सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू होता है और धीरे-धीरे पतलेपन का रूप ले लेता है। यह भी हार्मोनल असंतुलन का नतीजा होता है। ऐसे में केवल थायराइड की दवा लेने से समस्या पूरी तरह ठीक नहीं होती, क्योंकि असली कारण कुछ और हो सकता है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इन अलग-अलग लक्षणों को पहचानना बहुत ज़रूरी है। अगर महिला केवल वजन बढ़ने या बाल झड़ने के आधार पर खुद से थायराइड मान लेती है, तो PCOS का इलाज देर से शुरू हो सकता है। सही जांच, जैसे हार्मोन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड, से ही यह साफ हो पाता है कि समस्या थायराइड की है या PCOS की।
इसलिए अगर किसी महिला को मोटापा, बाल झड़ना, चेहरे पर बाल आना, पेल्विक दर्द या पीरियड्स की अनियमितता जैसी समस्याएं एक साथ दिखाई दें, तो इसे केवल थायराइड मानकर नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। सही जानकारी और एक्सपर्ट की सलाह से ही सही बीमारी की पहचान हो सकती है और तभी शरीर को सही दिशा में मदद मिल पाती है।
यह भी पढ़ें: 👇👇👇
इन दोनों समस्याओं से खुद को सुरक्षित कैसे रखें
अक्सर यह जानना उतना ही जरूरी होता है कि PCOS और Thyroid से कैसे बचा जाए, जितना इनके लक्षणों को समझना। हालांकि इन बीमारियों को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही आदतें अपनाकर इनके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सबसे पहले जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। संतुलित और पौष्टिक भोजन हार्मोन को स्थिर रखने में मदद करता है। बहुत ज्यादा मीठा, तला-भुना और प्रोसेस्ड खाना शरीर के हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, इसलिए इनसे दूरी बनाना फायदेमंद रहता है। नियमित समय पर खाना और लंबे समय तक भूखा न रहना भी शरीर को संतुलित रखता है।
इसके साथ ही रोज़ाना हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि अपनाना बेहद जरूरी है। तेज़ वॉक, योग या कोई भी ऐसा व्यायाम जिसे आप लगातार कर सकें, मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखता है और वजन को कंट्रोल में मदद करता है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और हार्मोनल गड़बड़ी का खतरा कम हो सकता है।
मानसिक तनाव भी इन दोनों समस्याओं को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए तनाव को नज़रअंदाज़ करने के बजाय उसे संभालना सीखना जरूरी है। पर्याप्त नींद लेना, स्क्रीन टाइम कम करना और खुद के लिए थोड़ा समय निकालना शरीर और मन दोनों को संतुलन में रखता है।
सबसे अहम बात यह है कि शरीर के संकेतों को समय पर समझा जाए। अगर पीरियड्स अनियमित हों, वजन अचानक बढ़ने लगे या लंबे समय तक थकान बनी रहे, तो जांच कराने में देर न करें। समय पर सही सलाह और जांच से PCOS और Thyroid दोनों को काफी हद तक काबू में रखा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या PCOS और Thyroid की समस्या एक साथ हो सकती है
हां कई महिलाओं में PCOS और Thyroid दोनों समस्याएं एक साथ देखी जाती हैं। हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस इसकी वजह हो सकते हैं इसलिए दोनों की जांच कराना जरूरी होता है।
कैसे पहचानें कि वजन बढ़ना PCOS की वजह से है या Thyroid के कारण
अगर वजन बढ़ने के साथ पीरियड्स अनियमित हों चेहरे पर बाल बढ़ें या ओवरी में सिस्ट हों तो यह PCOS का संकेत हो सकता है। वहीं लगातार थकान ठंड ज्यादा लगना और त्वचा का रूखा होना Thyroid की ओर इशारा करता है।
क्या बाल झड़ना दोनों बीमारियों में होता है
हां बाल झड़ना PCOS और Thyroid दोनों में आम लक्षण है। लेकिन PCOS में अक्सर चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल भी बढ़ते हैं जो Thyroid में कम देखने को मिलता है।
क्या सिर्फ लक्षण देखकर बीमारी की पहचान की जा सकती है
नहीं कई लक्षण दोनों बीमारियों में मिलते-जुलते होते हैं। सही पहचान के लिए ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच जरूरी होती है।
क्या सही लाइफस्टाइल से दोनों समस्याओं को कंट्रोल किया जा सकता है
हां संतुलित डाइट नियमित एक्सरसाइज अच्छी नींद और तनाव नियंत्रण से PCOS और Thyroid दोनों को काफी हद तक संभाला जा सकता है।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है
अगर लंबे समय तक पीरियड्स की गड़बड़ी वजन तेजी से बढ़ना या बाल झड़ने की समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। सही जांच और इलाज के लिए हमेशा योग्य चिकित्सक से परामर्श करें।
1 thought on “वजन बढ़ना, बाल झड़ना ये PCOS की बीमारी है या फिर Thyroid?”