हर सुबह आईने के सामने खड़े होकर वही निराशा।
कल भी यही मुंहासे थे, आज भी वही हैं।
क्रीम बदली, फेसवॉश बदला, घरेलू नुस्खे आज़माए, यहाँ तक कि महंगे ट्रीटमेंट भी लिए फिर भी चेहरे पर उभरते मुंहासे जाने का नाम नहीं ले रहे।
PCOD से जूझ रही बहुत-सी महिलाएं इस स्थिति को सिर्फ स्किन प्रॉब्लम मान लेती हैं। वे सोचती हैं कि शायद उनकी त्वचा ऑयली है, या मौसम की वजह से ऐसा हो रहा है। लेकिन जब महीनों तक मुंहासे ठीक न हों, बल्कि और गहरे, दर्दनाक और जिद्दी होते जाएं, तब सवाल उठना लाज़मी है
क्या समस्या सिर्फ त्वचा की है, या शरीर के अंदर कुछ और गड़बड़ चल रही है?

सच्चाई यह है कि PCOD में चेहरे के मुंहासे कोई साधारण स्किन इश्यू नहीं होते। ये शरीर के अंदर चल रहे हार्मोनल असंतुलन की सबसे साफ और दिखने वाली निशानी होते हैं। और जब तक उस असंतुलन की जड़ को नहीं समझा जाता, तब तक कोई भी क्रीम, कोई भी फेस पैक, कोई भी दवा स्थायी समाधान नहीं बन सकती।
PCOD और मुंहासों का गहरा संबंध
PCOD एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिला के शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। खासतौर पर एंड्रोजन हार्मोन का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है। यही हार्मोन त्वचा में तेल बनाने वाली ग्रंथियों को जरूरत से ज्यादा सक्रिय कर देता है।
जब त्वचा जरूरत से ज्यादा तेल बनाने लगती है, तो पोर्स बंद होने लगते हैं। बंद पोर्स में गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, और यहीं से मुंहासों की शुरुआत होती है। PCOD में ये मुंहासे अक्सर चेहरे के निचले हिस्से जबड़े, ठोड़ी और गर्दन के आसपास ज्यादा दिखाई देते हैं।
यह सिर्फ एक बाहरी समस्या नहीं है। यह संकेत है कि शरीर अंदर से संतुलन खो चुका है।
सबसे बड़ी वजह: हार्मोनल असंतुलन को नजरअंदाज़ करना
PCOD में चेहरे के मुंहासे ठीक न होने की सबसे बड़ी वजह यही है कि महिलाएं हार्मोनल असंतुलन को समझे बिना सिर्फ स्किन पर ध्यान देती हैं।
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क्रीम लगाने से ऊपर-ऊपर की सूजन कम हो सकती है, लेकिन जब तक हार्मोन असंतुलित रहते हैं, तब तक मुंहासे बार-बार लौटते रहते हैं। यह एक ऐसा चक्र बन जाता है जिसमें महिला थक जाती है, लेकिन समस्या बनी रहती है।
हार्मोनल असंतुलन सिर्फ मुंहासों तक सीमित नहीं रहता। इसके साथ पीरियड्स की अनियमितता, वजन बढ़ना, बालों का झड़ना और मानसिक तनाव भी जुड़ा होता है। लेकिन अक्सर ध्यान सिर्फ चेहरे पर दिख रही समस्या पर ही जाता है।
इंसुलिन रेज़िस्टेंस: छुपा हुआ दुश्मन
PCOD में इंसुलिन रेज़िस्टेंस एक बहुत अहम भूमिका निभाता है। जब शरीर इंसुलिन को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो ब्लड शुगर का स्तर बिगड़ने लगता है। इसका असर सीधे हार्मोन पर पड़ता है।
इंसुलिन रेज़िस्टेंस एंड्रोजन हार्मोन को और बढ़ा देता है, जिससे मुंहासे और ज्यादा जिद्दी हो जाते हैं। यही कारण है कि PCOD में कुछ महिलाओं को मुंहासों के साथ-साथ अचानक वजन बढ़ने की समस्या भी होती है।
जब तक इंसुलिन रेज़िस्टेंस को कंट्रोल नहीं किया जाता, तब तक चेहरे की त्वचा को पूरी तरह साफ करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
डाइट की गलती जो मुंहासों को और बिगाड़ती है
बहुत-सी महिलाएं PCOD में भी वही डाइट अपनाए रहती हैं जो वे पहले खाती थीं। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट, मीठा, प्रोसेस्ड फूड और अनियमित खाने का समय ये सब PCOD में मुंहासों को और खराब कर देते हैं।
खाना सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं है। यह हार्मोन को सीधे प्रभावित करता है। गलत डाइट से सूजन बढ़ती है, इंसुलिन रेज़िस्टेंस बढ़ता है और हार्मोनल असंतुलन और गहरा हो जाता है।
यही वजह है कि PCOD में सिर्फ “क्या लगाएं” से ज्यादा ज़रूरी है “क्या खाएं और कब खाएं”।
स्ट्रेस और नींद की कमी का असर चेहरे पर
PCOD से जूझ रही महिलाओं में तनाव आम बात है। लगातार चिंता, भविष्य की सोच, और शरीर में हो रहे बदलावों को लेकर डर ये सब मानसिक दबाव बनाते हैं।
जब शरीर लगातार तनाव में रहता है, तो कोर्टिसोल नामक हार्मोन बढ़ जाता है। यह हार्मोन भी त्वचा में तेल के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे मुंहासे और भड़क जाते हैं।
नींद की कमी इस समस्या को और बढ़ा देती है। सही नींद न मिलने पर शरीर खुद को रिपेयर नहीं कर पाता, और इसका असर सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देता है।
बार-बार स्किन प्रोडक्ट बदलना: एक और बड़ी गलती
मुंहासों से परेशान महिलाएं अक्सर हर नया प्रोडक्ट आज़माने लगती हैं। कोई क्रीम काम नहीं आई तो दूसरी, फिर तीसरी। सोशल मीडिया पर दिखाए गए नुस्खे, यूट्यूब वीडियो और दोस्तों की सलाह सब कुछ चेहरे पर आज़मा लिया जाता है।
लेकिन बार-बार प्रोडक्ट बदलने से त्वचा और ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। PCOD में त्वचा पहले से ही हार्मोनल असर झेल रही होती है। ऐसे में ज्यादा केमिकल्स और ट्रीटमेंट उसे और नुकसान पहुंचाते हैं।
मुंहासों के साथ जुड़ा मानसिक संघर्ष
चेहरे पर लगातार मुंहासे सिर्फ त्वचा की समस्या नहीं रहते। वे आत्मविश्वास को भी चुपचाप तोड़ते हैं। कई महिलाएं लोगों से मिलने से कतराने लगती हैं, कैमरे से बचने लगती हैं और खुद को दूसरों से कमतर समझने लगती हैं।
PCOD में यह मानसिक संघर्ष और गहरा होता है, क्योंकि महिला जानती है कि समस्या सिर्फ बाहर की नहीं, अंदर की भी है। लेकिन जब समाधान साफ न दिखे, तो निराशा बढ़ती जाती है।
PCOD में मुंहासे ठीक होने में समय क्यों लगता है
PCOD कोई एक दिन में होने वाली समस्या नहीं है, और न ही इसका समाधान एक रात में मिलता है। हार्मोनल संतुलन को ठीक होने में समय लगता है। शरीर को अपनी लय वापस पाने के लिए धैर्य चाहिए।
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जो महिलाएं जल्दी परिणाम चाहती हैं, वे अक्सर बीच में हार मान लेती हैं। लेकिन PCOD में सबसे ज़रूरी चीज़ है निरंतरता डाइट में, जीवनशैली में और खुद के प्रति नजरिए में।
जब शरीर की जड़ को समझा जाए
PCOD में चेहरे के मुंहासे तभी ठीक होते हैं जब महिला समस्या की जड़ को समझने लगती है। यह स्वीकार करना कि यह सिर्फ स्किन प्रॉब्लम नहीं है, बल्कि हार्मोनल स्थिति है यही पहला कदम होता है।
जब ध्यान सिर्फ चेहरे से हटकर पूरे शरीर पर जाता है, तभी सही बदलाव शुरू होता है।
खुद को दोष देना बंद करना ज़रूरी है
बहुत-सी महिलाएं मुंहासों के लिए खुद को दोष देती हैं। उन्हें लगता है कि उन्होंने कुछ गलत किया है। लेकिन PCOD एक मेडिकल स्थिति है, कोई व्यक्तिगत असफलता नहीं।
खुद के प्रति नरमी और समझ ही इस सफर को आसान बनाती है। जब महिला खुद से लड़ना बंद करती है और शरीर के साथ मिलकर काम करना शुरू करती है, तब धीरे-धीरे सुधार दिखने लगता है।
निष्कर्ष:
अगर PCOD में चेहरे के मुंहासे ठीक नहीं हो रहे, तो यह इस बात का संकेत है कि शरीर अंदर से अभी भी संतुलन की तलाश में है। यह कोई छोटी समस्या नहीं है जिसे सिर्फ क्रीम से दबा दिया जाए।
मुंहासे शरीर का संदेश हैं। वे बता रहे हैं कि हार्मोन, डाइट, तनाव और जीवनशैली कहीं न कहीं तालमेल टूट गया है।
जब इस संदेश को समझा जाता है, और समाधान अंदर से शुरू होता है, तब चेहरे की त्वचा भी धीरे-धीरे साफ होने लगती है।
याद रखिए:
PCOD में खूबसूरती चेहरे से नहीं, समझ से लौटती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PCOD में चेहरे पर मुंहासे क्यों बढ़ जाते हैं?
PCOD में हार्मोनल असंतुलन के कारण एंड्रोजन हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे त्वचा में ज्यादा तेल बनता है और पोर्स बंद होकर मुंहासे बनने लगते हैं।
क्या PCOD के मुंहासे सामान्य मुंहासों से अलग होते हैं?
हाँ, PCOD के मुंहासे अक्सर जिद्दी होते हैं और ठोड़ी, जबड़े व गर्दन के आसपास ज्यादा दिखाई देते हैं, जबकि सामान्य मुंहासे जल्दी ठीक हो सकते हैं।
PCOD में सिर्फ क्रीम लगाने से मुंहासे ठीक क्यों नहीं होते?
क्योंकि PCOD में समस्या त्वचा की नहीं बल्कि शरीर के अंदर हार्मोन की होती है। जब तक हार्मोन संतुलित नहीं होते, तब तक क्रीम स्थायी समाधान नहीं देती।
PCOD में डाइट का मुंहासों पर कितना असर पड़ता है?
गलत डाइट इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन बढ़ाती है, जिससे मुंहासे और बिगड़ सकते हैं। संतुलित और सही समय पर लिया गया भोजन सुधार में मदद करता है।
क्या तनाव भी PCOD के मुंहासों को बढ़ा सकता है?
हाँ, ज्यादा तनाव से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो त्वचा में तेल के उत्पादन को बढ़ाकर मुंहासों को और गंभीर बना सकता है।
PCOD में मुंहासे ठीक होने में कितना समय लगता है?
PCOD एक दीर्घकालिक स्थिति है। सही डाइट, जीवनशैली और धैर्य के साथ मुंहासों में सुधार दिखने में कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक लग सकते हैं।
PCOD के मुंहासों के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
अगर मुंहासे लंबे समय तक ठीक न हों, दर्दनाक हों या आत्मविश्वास को प्रभावित करने लगें, तो डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना ज़रूरी होता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या इलाज से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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