PCOD me hair fall kyu hota hai?
देश भर में बड़ी संख्या में युवा महिलाएँ PCOD (Polycystic Ovarian Disease) से जूझ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का असर केवल पीरियड्स या वजन पर ही नहीं पड़ता, बल्कि बालों पर भी साफ दिखाई देता है — खासकर माथे के आगे के हिस्से में।
कई महिलाएँ शिकायत करती हैं कि बाल रोज़ाना ब्रश, तकिए या बाथरूम में झड़ते दिखाई देते हैं। धीरे-धीरे हेयरलाइन पीछे जाती महसूस होती है और पार्टिंग चौड़ी दिखने लगती है। सवाल उठता है: आखिर यह होता क्यों है?

हार्मोनल बदलाव सबसे बड़ी वजह
गाइनकोलॉजिस्ट बताते हैं कि PCOD में शरीर में एंड्रोजेन नामक पुरुष-टाइप हार्मोन बढ़ जाते हैं। ये हार्मोन बालों की जड़ों को सिकोड़ देते हैं और ग्रोथ साइकिल छोटा कर देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, माथे के आगे के बालो की जड़ें इन हार्मोनों के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए सबसे पहले वहीं से पतलेपन की शुरुआत होती है।
डॉक्टरों का कहना है कि इसे आमतौर पर Female Pattern Hair Loss की तरह देखा जाता है।
“यह सिर्फ सामान्य हेयर फॉल नहीं”
डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि PCOD से जुड़े हेयर फॉल को कम आंकना खतरनाक हो सकता है।
शुरुआत में बाल हल्के और पतले दिखते हैं, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो स्थिति बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
पार्टिंग चौड़ी होती है
फ्रंट स्कैल्प दिखने लगता है
बालों की Density कम हो जाती है
हालाँकि पूरा सिर गंजा होना आमतौर पर नहीं देखा जाता।
तनाव और लाइफस्टाइल भी देते हैं बढ़ावा
डॉक्टरों का कहना है कि PCOD के साथ आने वाला तनाव, नींद की कमी और असंतुलित दिनचर्या बालों की हालत को और बिगाड़ देती है।
PCOD में पहले से ही हार्मोन असंतुलित होते हैं। ऐसे में:
देर रात तक जागना
ज्यादा जंक फूड खाना
लगातार स्ट्रेटनर या केमिकल ट्रीटमेंट
समस्या को और तेज कर देते हैं।
Oily scalp and dandruff: संकेत, कारण नहीं
कई महिलाएँ मानती हैं कि हेयर फॉल का कारण केवल ऑयल या डैंड्रफ है।
डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि ये केवल लक्षण हैं।
एंड्रोजेन के कारण सेबम बढ़ता है, स्कैल्प चिपचिपा हो जाता है और डैंड्रफ बनता है।
लेकिन जड़ समस्या वही — हार्मोनल असंतुलन।
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Role of Diet: “प्लेट तय करती है बालों का भविष्य”
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट का कहना है कि PCOD में इंसुलिन रेज़िस्टेंस आम होता है।
मीठा, मैदा, फ्राइड और जंक फूड:
वजन बढ़ाते हैं
हार्मोन को बिगाड़ते हैं
बाल झड़ने की रफ्तार बढ़ाते हैं
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रोटीन, साबुत अनाज, हरी सब्ज़ियाँ और ओमेगा-3 से भरपूर डाइट मददगार साबित हो सकती है।
कब लें डॉक्टर की सलाह
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यदि 3–4 महीने लगातार:
बाल झड़ रहे हों
हेयरलाइन पीछे जा रही हो
पीरियड्स अनियमित हों
चेहरे पर पिंपल और अनचाहे बाल हों
तो जांच कराना ज़रूरी है।
सामान्यत: हार्मोन, थाइरॉयड और विटामिन टेस्ट करवाए जाते हैं ताकि सही कारण सामने आ सके।
Treatment: केवल बालों पर नहीं, पूरे शरीर पर ध्यान दे
डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ तेल, शैम्पू और सीरम समस्या का पूरा समाधान नहीं हैं।
इलाज तीन स्तरों पर काम करता है:
हार्मोन बैलेंस – डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयाँ और लाइफस्टाइल बदलाव
सही न्यूट्रिशन – संतुलित डाइट और वजन नियंत्रण
स्कैल्प केयर – माइल्ड शैम्पू, मेडिकल सिरम और नियमित देखभाल
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती चरण में सुधार संभव है।
क्या बाल वापस आ सकते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती स्टेज में उपचार शुरू हो जाए तो:
टूटना कम होता है
मोटाई धीरे-धीरे लौटती है
फ्रंट स्कैल्प का पतलापन कम हो सकता है
हालाँकि लंबे समय तक अनदेखी करने पर नुकसान स्थायी भी हो सकता है।
क्या घर पर किए जा सकते हैं कुछ बदलाव?
डॉक्टर नियमित वॉक, योग, पर्याप्त नींद और चीनी कम करने पर जोर देते हैं।
धूम्रपान और शराब से दूरी रखने की भी सलाह दी जाती है।
इन बदलावों से PCOD के असर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
नतीजा: समय पर पहचान ही सबसे बड़ा इलाज
विशेषज्ञ मानते हैं कि PCOD में माथे के आगे बाल झड़ना शरीर का संकेत है।
इसे नजरअंदाज करने के बजाय समझना और सही समय पर डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
डॉक्टरों का कहना है:
“PCOD में हेयर फॉल रुक सकता है और सुधार भी संभव है — बशर्ते कारण को सही तरीके से पहचानकर उपचार किया जाए।”
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या PCOD में सिर्फ माथे के आगे के बाल ही झड़ते हैं?
नहीं।
PCOD में कई तरह से बाल झड़ सकते हैं :
माथे के आगे बाल पतले होना
बीच से स्कैल्प दिखना
पोनीटेल पतली होना
लेकिन आगे की हेयरलाइन पर असर ज़्यादा दिखता है क्योंकि एंड्रोजेन (मैल हार्मोन) का प्रभाव यहां ज्यादा होता है।
2. क्या PCOD की वजह से बाल हमेशा के लिए चले जाते हैं?
हमेशा नहीं।
अगर समय पर पहचान हो जाए और:
हार्मोन संतुलित हों
सही diet ली जाए
डॉक्टर का इलाज चले
तो बालों का झड़ना काफी हद तक कंट्रोल हो सकता है और कई मामलों में नए बाल भी उगते हैं।
बहुत देर होने पर रिपेयर मुश्किल हो जाता है — इसलिए जल्दी ध्यान देना जरूरी है।
3. क्या सिर्फ हेयर ऑयल लगाने से फायदा होगा?
सच कहें तो — नहीं।
तेल:
Dryness कम करता है
Circulation बेहतर करता है
लेकिन PCOD में समस्या अंदर से — हार्मोनल होती है।
सिर्फ तेल लगाने से हल नहीं निकलता।
इलाज हमेशा:
diet
lifestyle
medication
और scalp care
चारों का साथ होता है।
4. क्या PCOD के साथ बायोटिन या हेयर सप्लीमेंट लेना चाहिए?
खुद से लेना सही नहीं।
कभी-कभी डॉक्टर:
बायोटिन
आयरन
विटामिन D
जिंक
देते हैं — लेकिन तभी जब टेस्ट में कमी दिखे।
गलत सप्लीमेंट:
मुंहासे बढ़ा सकता है
वजन बढ़ा सकता है
इसलिए पहले डॉक्टर से बात जरूरी है।
5. क्या PCOD वाली लड़कियों को बाल कटवा लेना चाहिए?
बाल कटवाना “इलाज” नहीं है।
लेकिन:
टूटना कम होता है
Hair manageable रहते हैं
पतलापन कम दिखता है
मगर root problem वही रहती है —
PCOD का इलाज और lifestyle बदलाव सबसे जरूरी है।
6. क्या PCOD में हेयर ट्रीटमेंट (smoothening, keratin, colour) कराना ठीक है?
बेहतर है avoid करें — खासकर जब hair fall बहुत हो।
क्योंकि ये treatments:
केमिकल डालते हैं
बाल कमजोर करते हैं
टूटना बढ़ाते हैं
पहले hair fall कंट्रोल करें, फिर एक्सपर्ट से पूछकर ही कुछ कराएं।
7. क्या योगा और exercise से बाल वापस आ सकते हैं?
सीधे “बाल उगाने” के लिए नहीं,
लेकिन योग और exercise:
Insulin control करते हैं
हार्मोन बैलेंस करते हैं
Stress कम करते हैं
इससे hair fall कम हो सकता है और स्कैल्प हेल्दी रहती है।
यानी indirect लेकिन बहुत important effect।
8. डॉक्टर के पास कब ज़रूर जाना चाहिए?
इनमें से कोई भी sign दिखे तो देर न करें:
3–4 महीने लगातार बाल झड़ना
माथा साफ दिखने लगे
periods irregular हों
मुंहासे और facial hair बढ़ जाएँ
डॉक्टर हार्मोन, thyroid, iron जैसे टेस्ट करवाते हैं और सही treatment देते हैं।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ जागरूकता और शिक्षा के उद्देश्य से लिखी गई है।
यह किसी भी तरह से डॉक्टर की सलाह, मेडिकल डायग्नोसिस या उपचार का विकल्प नहीं है।
अगर आपको:
लगातार बाल झड़ने,
अनियमित पीरियड्स,
हार्मोन से जुड़ी दिक्कत,
या किसी दवाई की ज़रूरत महसूस हो,
तो अपने नज़दीकी Gynecologist / Dermatologist / Qualified Doctor से ज़रूर सलाह लें।
खुद से दवा लेना या इंटरनेट के आधार पर इलाज करना आपके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।