PCOD और PCOS: आसान भाषा में क्या हैं, कारण, लक्षण और इलाज

PCOD और PCOS दोनों ही महिलाओँ में होने वाली हार्मोन-related समस्या हैं, लेकिन बहुत लोग इस बारे में सही से नहीं जानते कि यह दोनों एक ही है या अलग-अलग।
इनका सही ज्ञान होने से आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से संभाल सकती हैं।

PCOD और PCOS — मूल बातें

  • PCOD का पूरा नाम Polycystic Ovarian Disease है — यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडाशय (ovaries) में बहुत सारे छोटे-छोटे immature या partially mature अंडे बनते हैं। समय के साथ ये अंडे सिस्ट (cysts) में बदल जाते हैं और अंडाशय को बड़ा कर देते हैं। Pace Hospital

  • PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) एक metabolic disorder है — यानी हार्मोन imbalance के साथ-साथ शरीर के metabolism पर भी असर डालता है।

PCOD / PCOS किस तरह असर डालती हैं?

इन दोनों स्थितियों में hormone imbalance होता है — खासकर male hormone (androgen) ज्यादा बनता है, जिससे कई तरह के बदलाव शरीर में दिखते हैं।

PCOD और PCOS: आसान भाषा में क्या हैं, कारण, लक्षण और इलाज

PCOD/PCOS के आम लक्षण

इनमें से कई लक्षण कुछ महिलाओं में अलग-अलग दिख सकते हैं, लेकिन सबसे आम लक्षण हैं:

अनियमित मासिक धर्म (irregular periods)
कुछ महीनों तक periods न आना
बहुत ज्यादा bleeding या बहुत कम flow
चेहरे और शरीर पर बालों का अनचाहा बढ़ना
मुँहासे (acne)
वजन बढ़ना या नियंत्रण में न रहना
बालों का झड़ना या पतले होना
त्वचा का काला-सा होना (जैसे गर्दन, कमर या स्तनों के नीचे)

PCOD और PCOS के बीच क्या फर्क है?

PCOD
PCOS
आम स्थिति, लगभग 10% महिलाओं में पाया जाता हैथोड़ी गंभीर स्थिति, कम प्रतिशत में होती है
अंडाशय कई immature अंडे बनाता हैhormonal imbalance बहुत अधिक होता है
महिला अभी भी ovulate कर सकती हैovulation मुश्किल हो सकती है
गंभीर complications कमगंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम अधिक

कारण — कैसे होती हैं ये हालत?

PCOS या PCOD क्यों होती हैं, पूरी तरह से पता नहीं है, लेकिन आम कारणों में शामिल हैं:

Hormone imbalance — male hormone (androgen) का ज्यादा होना
Insulin resistance — शरीर इंसुलिन को सही से उपयोग नहीं कर पाता
Inflammation — low-grade inflammation जो शरीर में androgen बढ़ाता है
Genes (हेरिडिटी) जब परिवार में किसी को पहले से समस्या हो

संभावित जटिलताएँ (Complications)

अगर PCOD/PCOS का ध्यान नहीं रखा जाए, तो इससे हो सकते हैं:

Infertility (गर्भधारण में समस्या)
Type-2 Diabetes
Heart disease & high blood pressure
Depression, anxiety (मानसिक प्रभाव)
Sleep apnea (नींद में रुकावट)
Endometrial cancer (uterus lining का मोटा होना)
Miscarriage (गर्भपात)

यह कैसे Diagnose होता है?

डॉक्टर कुछ tests के ज़रिए पता लगा सकते हैं:

Pelvic exam — शरीर में reproductive organs की जांच
Blood test — hormones, sugar, cholesterol आदि
Ultrasound — ovaries की स्थिति और साइस्ट्स देखने के लिए

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Treatment — इलाज और Management

PCOD और PCOS का पूरा cure नहीं है, लेकिन इसे manage करना संभव है — खासकर lifestyle बदलकर।

Life-style Changes

Healthy diet — कम carbs, processed food से बचें
Weight loss or control — वजन नियंत्रित रखें
Regular exercise — दिन में कम से कम 20–30 मिनट चलें या व्यायाम करें
Regular check-ups — doctor guidance लें

Medical treatments

Hormone balancing medication
Insulin resistance treatment
Ovulation induction for pregnancy
Acne/hair treatment
Surgery in rare cases

Can women with PCOD/PCOS get pregnant?

हाँ — PCOD/PCOS में महिलाएँ pregnant हो सकती हैं, खासकर अगर समय पर diagnosis और सही treatment मिले।
थोड़ी lifestyle changes और doctor guidance से pregnancy possible होती है।

Final Summary

PCOD और PCOS दो अलग-अलग hormonal conditions हैं, लेकिन बहुत सारे symptoms मिलते-जुलते हैं।
अगर समय रहते symptoms पहचान लिए जाएँ और doctor को दिखा लिया जाए — तो symptoms को manage करना आसान हो जाता है।
हार्मोन imbalance से डरें नहीं — सही diet, exercise और medical help से आप better health पा सकती हैं।

Common Asked Question on PCOD & PCOS

हाँ — ज्यादा तनाव हार्मोन (cortisol) को बढ़ा देता है, जिससे इंसुलिन और प्रजनन हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं। इससे पीसीओडी/पीसीओएस के लक्षण बढ़ सकते हैं। इसलिए नींद, योग, मेडिटेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल बहुत ज़रूरी है।

PCOD होने पर भी प्रेग्नेंसी संभव है। डॉक्टर की सलाह से वजन कंट्रोल, ओवुलेशन ट्रैकिंग, हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज़ और ज़रूरत पड़ने पर दवाइयाँ/ट्रीटमेंट (जैसे ovulation induction, IUI, IVF) मदद कर सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।

कई महिलाओं में PCOS के साथ थायराइड की समस्या भी देखी जाती है। हाइपोथायरायडिज्म हार्मोनल असंतुलन और वजन बढ़ने को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए डॉक्टर अक्सर PCOS के साथ थायराइड टेस्ट भी करवाते हैं।

अनियमित पीरियड्स, चेहरे/ठोड़ी पर बाल, मुंहासे, वजन बढ़ना, और हार्मोनल असंतुलन— ये लक्षण दोनों में आम हो सकते हैं। सही पहचान के लिए डॉक्टर की जाँच जरूरी होती है।

दोनों में हार्मोनल असंतुलन, इंसुलिन रेसिस्टेंस, लाइफस्टाइल और जेनेटिक फैक्टर्स भूमिका निभा सकते हैं। लेकिन PCOS अक्सर syndrom (complex condition) होता है और PCOD में अंडाशय में सिस्ट बनना ज्यादा देखा जाता है। सही निदान डॉक्टर ही कर सकते हैं।

Disclaimer:
यह जानकारी सिर्फ awareness के लिए है। इसे medical advice न समझें।
अगर आपको PCOS/PCOD के लक्षण महसूस हों, तो खुद दवा लेने के बजाय किसी qualified doctor या gynecologist से सलाह ज़रूर लें।

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